बंगाल DGP सिद्धनाथ गुप्ता को फिर सेवा विस्तार, अमित शाह और शुभेंदु अधिकारी ने चहेते IPS हैं..
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के डायरेक्टर जनरल (DG) और IGP सिद्धिनाथ गुप्ता का कार्यकाल बढ़ा दिया है। कैबिनेट की अपॉइंटमेंट्स कमिटी (ACC) ने 31 अक्टूबर के बाद उनकी सेवा को और छह महीने तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
कोलकाता, 7 जुलाई 2026। केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्धनाथ गुप्ता का कार्यकाल छह महीने के लिए बढ़ा दिया। यह उनका दूसरा सेवा विस्तार है। 1992 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी सिद्धनाथ गुप्ता को विधानसभा चुनाव से पहले 16 मार्च को पश्चिम बंगाल का डीजीपी नियुक्त किया गया था। सिद्धनाथ गुप्ता को इससे पहले अप्रैल में छह महीने का पहला सेवा विस्तार दिया गया था।
यह सेवा विस्तार अखिल भारतीय सेवाओं नियम, 1958 के नियम 16(1) में छूट देते हुए जनहित में किया गया है। इस नियम के तहत अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी को उस महीने के अंतिम दिन दोपहर बाद सेवानिवृत्त होना होता है, जिसमें वह 60 वर्ष की आयु पूरी करता है।
अप्रैल 2027 तक रहेंगे बंगाल के डीजीपी
सिद्धनाथ गुप्ता को 30 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होना था। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसमें गुप्ता की सेवा 31 अक्टूबर, 2026 के बाद छह महीने के लिए बढ़ाने की सिफारिश की गई थी। उनका नया कार्यकाल अब अप्रैल 2027 तक रहेगा।
उत्तर प्रदेश के बिंदकी के रहने वाले हैं सिद्धनाथ गुप्ता
सिद्धनाथ गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के बिंदकी नगर के मोहल्ला कटरा के रहने वाले हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा बिंदकी में हुई। उन्होंने 10वीं की पढ़ाई दयानंद इंटर कॉलेज, बिंदकी से और 12वीं की परीक्षा दीनदयाल इंटर कॉलेज, कानपुर से पास की। इसके बाद उन्होंने 1988 में आईआईटी कानपुर से बीटेक और 1990 में एमटेक की डिग्री हासिल की।
1992 कैडर के आईपीएस अफसर
इसके बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तैयारी शुरू की। वर्ष 1991 में उन्होंने पहली बार यूपीएससी परीक्षा पास की और उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) में हुआ। इसके बाद उन्होंने 1992 में दोबारा यूपीएससी परीक्षा दी और इस बार उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में हुआ। उन्हें पश्चिम बंगाल कैडर आवंटित किया गया।