• Cyclone 'Arnab':चक्रवात अर्नब ने मचाई भारी तबाही, आंध्र में 5 की मौत, 2.24 लाख हेक्टेयर फसलें प्रभावित

    आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब ने भारी तबाही मचाई। तूफान से 5 लोगों की मौत, 15 हजार बिजली के खंभे उखड़ गए और 3.45 लाख किसान प्रभावित हुए। CM ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है।

    अमरावती, 29 अक्टूबर 2026। आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब ने भारी तबाही मचाई है। बुधवार तड़के राज्य के तटीय इलाकों से गुजरे इस भीषण चक्रवाती तूफान के कारण पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि फसलों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों के लिए भी आर्थिक सहायता की घोषणा की है।

    मुख्यमंत्री नायडू ने बुधवार शाम राज्य सचिवालय स्थित रियल टाइम गवर्नेंस सिस्टम (आरटीजीएस) केंद्र में हालात की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों को बताया कि तूफान के कारण कई जिलों में जान-माल का नुकसान हुआ है। शुरुआती आकलन के मुताबिक, राज्य में करीब 15 हजार बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। वहीं, हजारों हेक्टेयर में खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं या उन्हें नुकसान पहुंचा है।

    अब ये तूफान ओडिशा में दस्तक दे चुका है। हालांकि पहले से इसकी तीव्रता कम हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चेतावनी दी कि आंध्र प्रदेश में तबाही मचाने के बाद, जैसे-जैसे चक्रवात ओडिशा की ओर बढ़ेगा, मलकानगिरि और अधिक प्रभावित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा, ''सरकार गंजाम, गजपति, रायगडा, कोरापुट, मलकानगिरि और नबरंगपुर जिलों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।''

    कहां कितने लोगों की मौत हुई?
    मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के मुताबिक, चक्रवात के कारण पांच लोगों की जान गई है। इनमें से तीन की मौत विशाखापत्तनम जिले में बिजली के खंभे और पेड़ गिरने से हुई। इसके अलावा अनाकापल्ली और भीमावरम में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। नायडू ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।

    2.24 लाख हेक्टेयर में फसलें प्रभावित
    चक्रवात और इसके साथ हुई बारिश ने कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, शुरुआती अनुमान में करीब 3.45 लाख किसानों के प्रभावित होने की बात सामने आई है। राज्य के 14 जिलों में 2,24,489 हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी फसलें जलमग्न हुई हैं या उन्हें नुकसान पहुंचा है। मिली जानकारी के अनुसार 70 हजार हेक्टेयर फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।

    125 से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं
    भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, चक्रवात अर्नब बुधवार सुबह दो बजे से आठ बजे के बीच आंध्र प्रदेश-यानम तट से गुजरा। उस समय यह अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान था और इसकी अधिकतम निरंतर हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे थी। सुबह करीब 8:30 बजे यह कमजोर होकर भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया। इसके बाद हवा की रफ्तार घटकर 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे रह गई।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले दो दिनों में तूफान के उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना थी। इसके धीरे-धीरे कमजोर होकर चक्रवाती तूफान और फिर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने का अनुमान जताया गया।

    ओडिशा में भी अलर्ट, 30 हजार से ज्यादा लोगों को निकाला गया
    चक्रवात से प्रभावित ओडिशा में भी प्रशासन ने बड़े पैमाने पर एहतियाती कदम उठाए। बारिश के कारण राज्य में 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। दक्षिणी ओडिशा के कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया।