• गन्ने का एफआरपी 355 से बढ़ाकर 425 रुपए प्रति क्विंटल करने का ऐलान, पेराई सत्र 2025-26 का भुगतान भी बढ़े हुए दर से

    भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल से देर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गन्ने का लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 355 रुपए से बढ़ाकर 425 रुपये करने का ऐलान किया है। पेराई सत्र 2025- 26 में की गई खरीदी का भुगतान भी बढ़े हुए दर पर किया जाएगा।

    रायपुर, 10 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के गन्ना किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शक्कर कारखानों में गन्ने की खरीदी अब 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किए जाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता की खुशहाली ही समृद्ध छत्तीसगढ़ का आधार है। किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिले, खेती लाभकारी बने और किसान परिवार आर्थिक रूप से निरंतर सशक्त हों, इसके लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। बता दें कि 8 अक्टूबर को कवर्धा में ट्रैक्टर- ट्राली लेकर किसानों ने हाईवे को जाम कर दिया था। वे गन्ने और धान का समर्थन मूल्य बढ़ाने समेत 6 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर थे।

    मुख्यमंत्री साय से कल देर रात भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में संगठन मंत्री मनीष शर्मा, महामंत्री नवीन शेष सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल थे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा उपस्थित थे।

    भेंट के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रदेश के किसानों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। चर्चा के दौरान गन्ना उत्पादक किसानों के हितों से संबंधित विषय भी प्रमुखता से सामने आया। मुख्यमंत्री ने किसानों की भावनाओं और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर त्वरित पहल की और शक्कर कारखानों के लिए गन्ने की खरीदी 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से करने का निर्णय लिया। पेराई सत्र 2025- 26 में की गई खरीदी का भुगतान भी बढ़े हुए दर पर किया जाएगा। गन्ने का लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 355 रुपए से बढ़ाकर 425 रुपए करने का ऐलान किया गया है।

    भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने गन्ना किसानों के हित में लिए गए इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और उन्हें अपनी मेहनत का बेहतर प्रतिफल प्राप्त होगा।