• छोटा पैकेट, बड़ा धमाका

    डी.आर.साहू

    स्मृति की सख्ती, मंत्रियों के चेहरे की हवाइयां उड़ी
    अरसे बाद प्रदेश भाजपा को कड़क प्रभारी मिला है। स्मृति ईरानी के सख्त तेवर को देखकर मंत्रियों के चेहरे की हवाइयां उड़ी हुई थी। 12 बैठकों में सबसे पहले उन्होंने पार्टी के वर्तमान और पूर्व पदाधिकारी से बातचीत की और उनसे फीडबैक लीं। उसके बाद मंत्रियों की क्लास लगाईं। बताते हैं कि पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता को हाशिए में रखकर सिर्फ जेबें भरने के लिए काम करने वाले मंत्रियों को उन्होंने सख्त हिदायत दी और बोलीं- 'पार्टी कार्यकर्ताओं को सुनना पड़ेगा। आप लोग जनता से कट गए हैं। दूरियां मिटाइए।'

    प्यार के साइड इफेक्ट्स

    कई बार पत्नी के होते हुए अन्य महिला के साथ इश्क लड़ाना भारी पड़ जाता है। जिसकी आप कल्पना भी नहीं किए होते हैं। छत्तीसगढ़ के एक आईएफएस की कमोबेश वैसी ही स्थिति हो गई थी। दरअसल साहब पत्नी के होते हुए किसी अन्य युवती के साथ इश्क लड़ा रहे थे और फिर लिव-इन में रहने लगे। पत्नी को किराए के प्राइवेट मकान में रखे थे, वहीं बीवी नंबर-2 को सरकारी बंगले में रखे हुए थे। लोग नकली को ही असली समझते थे।

    यह सिलसिला ज्यादा दिनों तक नहीं चला, राज खुल ही गया। पहली पत्नी सरकारी बंगले पहुंच गई। खूब बवाल हुआ। बच्चों और मायके वालों के साथ मिलकर पहले तो दूसरी वाली को बाहर किया। फिर पति का घर के अंदर प्रवेश निषेध कर दिया। सामने कमरे में ही उनके लिए एक बार चाय नाश्ता और एक बार खाना आता था और वहीं तक उनको आने की अनुमति थी। किचन में घुसना उन्हें मना था। बीच में कुछ खाना होता था तो वे दोस्तों के घर से मंगवाते थे। अपने ही घर में बेगाना हो गए थे।

    फेरबदल की फिर आहट

    भाजपा की नई प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे के साथ ही छत्तीसगढ़ में फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बार चार मंत्री बदले जाएंगे। वहीं लता उसेंडी, अमर अग्रवाल और अजय चंद्राकर को लेकर पार्टी के अंदरूनी वलय से सकारात्मक खबर छनकर बाहर आ रही है। यदि चार मंत्री नए आएंगे तो पुराने कौन-कौन बाहर होंगे? खुलेआम ट्रांसफर, कमीशन और सप्लाई के धंधे में लगे कुछ माननीय पार्टी के रडार में बताए जा रहे हैं। बहरहाल अटकलों का दौर जारी है। पिछले एक साल से यह शिगूफा चल रहा है। क्या इस पर विराम का समय नजदीक आ गया है?

    मैडम आएंगी तो कौन बचाएगा..

    हाल ही में कथित 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में आबकारी के एक बड़े नुमाइंदे पर कड़ी कार्रवाई की गई। बताते हैं कि पिछली सरकार में ‘ऑफ द रिकॉर्ड’ बिक्री में इनका अहम रोल था। वर्ष 2023 के बाद नए परिदृश्य में एक मैडम के कृपा पात्र बन गए और पानी से पैसा बनाने के खेल में अनवरत लगे रहे। वह ढ़िलाई चाहते थे, ताकि अवैध बिक्री धड़ल्ले से चलती रहे। इसीलिए जब-जब मैडम अवकाश पर जाती थीं तो वह उड़नदस्ता के अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई करने पर धमकाते थे- ‘‘मैडम आएंगी तो तुम्हें कौन बचाएगा..।’’

    आज का कलेक्शन कितना आया है…

    सूबे के एक माननीय के बंगले में साल भर ट्रांसफर महोत्सव चलने के कारण हमेशा रौनक रहती है। उनके ओएसडी खोज-खोज कर ट्रांसफर प्रकरण मंगवा रहे हैं। कई एजेंट को इस काम में लगा रखे हैं। ओएसडी भी क्या करें, माननीय रोज आकर पूछते हैं कि आज का कलेक्शन कितना आया? हर पद पर उनकी नजर रहती है। कोई लूपलाइन जा रहा है तो भी शुल्क चुकाना पड़ेगा। पहले जिले में स्थानीय स्तर पर कलेक्टर बीआरसी का प्रभार सौंपते थे। अब उसकी भी पोस्टिंग मंत्री जी कर रहे हैं।

    साहब के नाम पर मोटा कमीशन

    यूं ही नहीं कहते कि आईएएस अधिकारियों की दो नहीं बल्कि चार आंखें होती हैं। वे आगे और पीछे दोनों ओर से देख सकते हैं। एक बोर्ड के कर्मचारी ने सीईओ साहब के नाम पर मोटा कमीशन ले लिया। सप्लायर भी शाबाशी लेने के लिए साहब के पास पहुंच गया और बोला कि आपके आदेश पर अमुख के पास इतनी पेटी छुड़वा दिया हूं। कृपा बनाए रखिएगा। इसके बाद साहब ने दफ्तर में जमकर क्लास ली और बोले मुझे डार्क में रखकर कुछ भी नहीं करना, मुझे सब पता चल जाता है।

    पुछल्ला

    राजधानी में इन दिनों प्रॉपर्टी सेटलमेंट का काम जोरों पर चल रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कोई प्रॉपर्टी विवाद यदि थाने पर आता है तो टीआई क्या एसीपी भी बिना डीसीपी से पूछे मुकदमा कायम नहीं कर सकते। ऐसे विवादों को सुलझाने में सालों कोर्ट कचहरी के चक्कर काटने पड़ते हैं। नई प्रणाली में तुरंत न्याय हो रहा है।

    बूझो तो जानें..

    0 भाजपा की पिछली सरकार में एक माननीय को अंतः वस्त्र पहनाने वाले पीए किस मंत्री की खिदमतगारी में लगे हुए हैं?

    0 चार महीने में ही एक माननीय के लिए 45 खोखे वसूलने वाले ओएसडी आजकल लापता क्यों हो गए हैं?

    0 महानदी के किस सेक्रेटरी को अपनी मातहत की आंखों में स्वयं का चेहरा नजर आता है?

    0 एक बेटे को भाजपा और दूसरे को कांग्रेस में भेजकर एक सामाजिक नेता कौन सा समीकरण साधने में लगे हैं।