• ग्रीन पैकेजिंग स्टार्टअप्स एवं एमएसएमई के लिए नए अवसरों का सृजन करती है

    रायपुर, 1 नवम्बर 2026। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की RAMP योजना के अंतर्गत “ग्रीन पैकेजिंग एवं सतत समाधान” विषय पर 30 अक्टूबर को एनआईटी परिसर, गोल्डन टावर, रायपुर में कार्यशाला का आयोजन किया गया।
    कार्यक्रम में मेधा सिंह, सीईओ, एनआईटी रायपुर ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि सतत पैकेजिंग अब केवल पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एमएसएमई के लिए एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक अवसर भी है। इसके माध्यम से उद्योग अपशिष्ट को कम करने, कार्यक्षमता बढ़ाने, पर्यावरण अनुकूल प्रक्रियाओं को अपनाने तथा बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करने में सक्षम हो सकते हैं।

    सोमानी मंडलोई, सहायक संचालक, उद्योग संचालनालय ने बताया कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 का उद्देश्य राज्य में औद्योगिक विकास, निवेश, नवाचार तथा उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने एमएसएमई इकाइयों को पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग, पुनर्चक्रण योग्य सामग्री तथा संसाधन दक्ष तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया, ताकि पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के साथ-साथ बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ाई जा सके।

    आनंद वर्धन, SPIU टीम, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) ने RAMP योजना के अंतर्गत ग्रीन पैकेजिंग एवं सतत समाधानों पर तकनीकी प्रस्तुति दी। एनआईटी के डॉ. अनुज शुक्ला ने कहा कि  ग्रीन पैकेजिंग स्टार्टअप्स एवं एमएसएमई के लिए नए अवसरों का सृजन करती है। इसके माध्यम से उद्यमी टिकाऊ उत्पाद विकसित करने, नए बाजारों तक पहुंच बनाने तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यावसायिक इकाइयों की स्थापना करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

    कार्यक्रम के अंत में सुमित दुबे, रेजिडेंट डायरेक्टर, पीएचडीसीसीआई ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस कार्यशाला का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) द्वारा किया गया, जिसमें पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) ने इंडस्ट्री पार्टनर तथा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर ने सहयोगी संस्थान के रूप में शामिल हुईं।