• पटना में खड़गे के विवादित बोल- 'मोदी क्या, मोदी का बाप भी जाएगा', शाह बोले- मर्यादाएं तार-तार कर दी

    पटना में मल्लिकार्जुन खरगे ने RSS की विचारधारा पर निशाना साधा. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी टिप्पणी की. खड़गे के बयान पर टिप्पणी करते हुए अमित शाह ने इसे मर्यादाएं तार-तार करने बताया है.

    पटना, 25 अक्टूबर 2026। पटना में श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के कार्यक्रम के दौरान हंगामा हो गया. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बापू सभागार में सभा को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा पर भी निशाना साधा. जिसके बाद सभागार में हंगामे जैसी स्थिति पैदा हो गई.

    'मोदी का बाप भी जाएगा', खड़गे की टिप्पणी पर हंगामा
    जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने आरएसएस और पीएम मोदी पर निशाना साधा. जिसके बाद सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि "प्रधानमंत्री मोदी जी कहीं जाने वाले नहीं हैं, जब तक इस देश में विद्रोह नहीं होगा तब तक सरकार हटेगी नहीं". इस पर नाराज होकर खड़गे ने कहा, "मोदी क्या उसका बाप भी जाएगा." खड़गे की इस टिप्पणी के बाद कार्यक्रम में हंगामा हो गया. कार्यकर्ताओं ने उस व्यक्ति के साथ अमर्यादित व्यवहार किया. उसकी पिटाई भी की गई. जो वीडियो में साफ नजर आ रहा है. 

    मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संबोधन में कहा कि आज अगर RSS के बारे में बात की जाती है, तो लोग उसका अलग-अलग अर्थ निकाल सकते हैं. उन्होंने कहा कि RSS को आज जिस वजह से निशाना बनाया जा रहा है, उसकी वजह यह है कि संगठन अपनी स्थापना के समय से ही इसी तरह की गतिविधियों में लगा रहा है. खड़गे ने आगे कहा, "इसलिए जब तक इस देश में RSS की विचारधारा रहेगी, तब तक शांति नहीं होगी." मल्लिकार्जुन खड़गे पटना में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139 वीं जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी: अमित शाह

    वहीं खड़गे के बयान को गृह मंत्री अमित शाह ने मर्यादाएं तार- तार करने वाला बताया है. X पर उन्होंने लिखा है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आज पटना में मोदी जी के पिताजी के बारे में अभद्र टिप्पणी कर सारी मर्यादाएँ तार-तार कर दी हैं।

    यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस पार्टी ने मोदी जी या उनके परिवार को अपशब्द कहे हों। कभी उनकी पूजनीय माताजी के विषय में अपशब्द कहे, कभी उन्हें 'मौत का सौदागर' कहा, तो कभी 'चायवाला' कहकर उनकी गरीबी का उपहास उड़ाया। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी हर रोज अभद्रता की सीमाएँ पार करती जा रही है।

    बीते 12 वर्षों में लगातार मिल रही चुनावी हार से कांग्रेस पार्टी में हताशा व निराशा इतनी बढ़ चुकी है कि अब उसके पास न कोई नीति बची है, न कोई मुद्दा, बस गाली-गलौज की राजनीति बची है। जनता के बीच जनाधार खो चुकी कांग्रेस, अब अपने कार्यकर्ताओं में भी आधार खोती जा रही है। जब-जब इन्होंने मोदी जी या उनके परिवार पर घृणित टिप्पणियाँ की हैं, तब-तब जनता ने कांग्रेस को करारा जवाब दिया है।