• 3200 करोड़ के शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई, आशीष श्रीवास्तव सस्पेंड

    रायपुर, 17 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में सरकार ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की है। मामले में आरोपी अपर आबकारी आयुक्त आशीष श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव के खिलाफ ईओडब्ल्यू-एसीबी ने 14 अक्टूबर 2026 को न्यायालय में पृथक अभियोग पत्र पेश कर दिया। ईओडब्ल्यू का मानना है कि आशीष श्रीवास्तव के खिलाफ विवेचना उपरांत आरोप प्रथम दृष्टया सिध्द पाए जाने पर चार्ज शीट न्यायालय में दाखिल किया गया है। छत्तीसगढ़ के 3200 करोड़ की कथित शराब घोटाले में सरकार ने 10 जुलाई 2025 को 22 आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया था। आशीष श्रीवास्तव अब तक बचते रहे हैं। एक और उनके समक्ष अधिकारी पर भी कथित शराब घोटाले में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं।

    छत्तीसगढ़ के इस बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच ईडी, सीबीआई और राज्य की एजेंसी कर रही है। इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास, पूर्व विशेष सचिव आबकारी त्रिपाठी, पूर्व आईएएस अनिल टूटेजा, शराब कारोबारी विजय केडिया, अनवर ढेबर तथा कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार हुए हैं। इनमें से कई जमानत पर भी चल रहे हैं। लेकिन विभागीय अधिकारियों पर चार्ज शीट दाखिल होने के बावजूद गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं की गई। जबकि वे पूरी लूट और भ्रष्टाचार को अंजाम देने में अहम कड़ी के रूप में काम कर रहे थे।

    22 आबकारी अधिकारी एक साथ हुए थे सस्पेंड

    10 जुलाई 2025 को 22 आबकारी अधिकारियों को एक साथ सस्पेंड किया गया था। इसमें जनार्दन कौरव, अनिमेष नेताम, विजय सेन शर्मा, अरविंद कुमार पाटले, प्रमोद कुमार नेताम, रामकृष्ण मिश्रा, विकास कुमार गोस्वामी, इकबाल खान, नितिन खंडुजा, नवीन प्रताप सिंह तोमर, मंजुश्री कसेर, सौरभ बख्शी, दिनकर वासनिक, मोहित कुमार जायसवाल, नीतू नोतानी ठाकुर, गरीबपाल सिंह दर्दी, नोहर सिंह ठाकुर, सोनल नेताम, प्रकाश पाल, अलेख राम सिदार, आशीष कोसम और राजेश जायसवाल शामिल थे। इसके अलावा सात सेवानिवृत्त अधिकारियों—एके सिंह, जेआर मंडावी, जीएस नुरूटी, देवलाल वैष, एके अनंत, वेदराम लहरे और एलएल ध्रुव भी आरोपी बनाए गए।

    बताया जाता है कि आशीष श्रीवास्तव और उनके एक अन्य समक्ष अधिकारी की कथित 3200 करोड़ के शराब घोटाले में अहम भूमिका थी। 2023 के बाद भी वे कई तरह के गड़बड़झाले में शामिल बताए जाते हैं। एक पुराने आबकारी आयुक्त के वरदहस्त में दोनों अधिकारी कई तरह के सिस्टम ऑपरेट करते रहे हैं। फिलहाल एजेंसी ने उन पर शिकंजा कसा है। अब देखना होगा कि क्या वे भी 22 अधिकारियों की तरह गिरफ्तारी से बचे रहेंगे।

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