• बंगाल-छत्तीसगढ़ से सीआरपीएफ की 70 कंपनियां दिल्ली रवाना, क्यों केंद्रीय बल को लाया जा रहा राजधानी?

    नई दिल्ली, 9 अक्टूबर 2026। मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और एसआईआर प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों एवं सीजेपी के प्रदर्शनों के मद्देनजर दिल्ली पुलिस मजबूत सुरक्षा घेरा तैयार कर रही है। आगामी दिनों में प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस की सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है। इसके लिए पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से सीआरपीएफ की 70 कंपनियां दिल्ली के लिए रवाना की गईं हैं।

    सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद सीआरपीएफ की कंपनियों को दिल्ली भेजने के आदेश जारी किए गए हैं। ये कंपनियां, कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के मद्देनजर हर तरह के हथियार एवं दंगारोधी उपकरणों से लैस रहेंगी।  सीआरपीएफ की तीस कंपनियां, छत्तीसगढ़ से दिल्ली पहुंच रही हैं। इनमें बीजापुर से 12 कंपनियां, सुकमा से सात, कोंटा से सात, जगदलपुर से दो और दंतेवाड़ा से दो कंपनियां शामिल हैं। बंगाल से चालीस कंपनियां दिल्ली पहुंच रही हैं। 

    बता दें कि जंतर-मंतर पर बीस जुलाई को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने अपनी रणनीति में कई तरह के बदलाव किए हैं। सोशल मीडिया से लेकर जमीन पर प्रदर्शनकारियों की हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। केवल जंतर-मंतर या उसके आसपास का इलाका ही नहीं, बल्कि पंद्रह किलोमीटर के क्षेत्र को प्रदर्शन के हिसाब से सेनेटाइज कर दिया जाता है। इसमें ट्रैफिक रूट डायवर्ट, बैरिकेडिंग और मेट्रो स्टेशनों को बंद करना आदि, शामिल है। 

    कई दिनों से विपक्षी पार्टियां प्रदर्शन कर रही हैं।खासतौर से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और दूसरे कांग्रेस सांसद कई जगहों पर भी प्रदर्शन कर रहे हैं। नई दिल्ली जिला पुलिस ने जंतर मंतर और उसके आसपास बीएनएस की धारा 163 लागू की गई है। इसके तहत बिना अनुमति प्रदर्शन, भीड़ एकत्रित करने या मार्च करने की इजाजत नहीं है।