केरल में तीन बच्चों को दुर्लभ जेनेटिक बीमारी SMA Type 2 है, इलाज के लिए ₹50 करोड़ जुटाने में लगा पूरा गांव
केरल के कोझिकोड जिले में 20 महीने के तीन मासूम बच्चों को एक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है, जिनके इलाज का खर्च 50 करोड़ रुपए है। बच्चे को बचाने पूरा गांव जूट गया है।
कोझिकोड, 23 अक्टूबर 2026। केरल के कोझिकोड जिले के कल्लुरुट्टी गांव में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप 2 से पीड़ित तीन बच्चों की जान बचाने के लिए ₹50 करोड़ जमा करने के अभियान में जुट गया है। ये बच्चे, डेविड मैग्नस अरुण, एथन मोसेस अरुण और ओलिवर जोनाह अरुण, ओमासेरी पंचायत के कल्लूरुट्टी के रहने वाले अरुण और शाल्मी के तीन बेटे हैं।
सिर्फ़ एक साल और आठ महीने के तीनों भाई एक ही जेनेटिक कंडीशन से जूझ रहे हैं। परिवार के मुताबिक, भारत में यह पहला मामला है जब एक ही डिलीवरी में पैदा हुए तीनों बच्चों को SMA Type 2 होने का पता चला है। परिवार को बच्चों के इलाज, जिसमें जीन थेरेपी भी शामिल है, के लिए लगभग ₹50 करोड़ की ज़रूरत है। 2 महीने के भीतर सर्जरी हो जानी चाहिए। परिवार अकेले इतना खर्च वहन करने में सक्षम नहीं है। यह देखकर पूरा गांव तीनों मासूम बच्चों को बचाने में जूट गया। देखते ही देखते सोशल मीडिया में मदद की अपील वायरल होने लगी। स्कूलों, बस स्टैंड और चौक चौराहे पर पोस्टर लगाए गए हैं।
क्या है सर्वाइवल मोटर न्यूरॉन (SMN)..
SMA एक गंभीर वंशानुगत न्यूरोमस्कुलर बीमारी है जो सर्वाइवल मोटर न्यूरॉन (SMN) प्रोटीन के कम लेवल की वजह से होती है। इसकी कमी से रीढ़ की हड्डी में मोटर मोटर न्यूरॉन्स खराब हो जाते हैं, जिससे मांसपेशियों में लगातार कमज़ोरी आती है।
यह कंडिशन बैठने, खड़े होने और चलने जैसी ज़रूरी फिजिकल एक्टिविटीज़ पर असर डालती है। SMA टाइप 2 वाले बच्चों में आमतौर पर बचपन में लक्षण दिखते हैं और बीमारी बढ़ने पर उन्हें चलने-फिरने में ज़्यादा दिक्कत हो सकती है।
कांग्रेस, माकपा, भाजपा और मुस्लिम लीग आए साथ
तीनों बच्चों को बचाने के अभियान में गांव के साथ-साथ सभी कम्युनिटी के लोग एक जूट हो गए हैं। वहीं कांग्रेस माकपा भाजपा, मुस्लिम लीग और अन्य दल भी अपने राजनीतिक मतभेद को बुलाकर बच्चों को बचाने में जूट गये हैं। सभी मिलकर इलाज के लिए धन जुटा रहे हैं।
फंड जुटाने की गतिविधियों में तालमेल बिठाने और संभावित दानदाताओं तक पहुँचने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं, साथ ही इंस्टाग्राम और फेसबुक पर खास प्रोफाइल भी तैयार की गई हैं। ओमासेरी ग्राम पंचायत की अध्यक्ष सुपर सौदा को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस फंडरेज़िंग अभियान का उद्देश्य उन तीन भाइयों के लिए लगातार मेडिकल देखभाल और जीन थेरेपी उपलब्ध कराने हेतु ज़रूरी आर्थिक मदद जुटाना है। सोशल मीडिया में इलाज हेतु मदद के लिए यह बैंक विवरण जारी किया गया है।
खाता धारक का नाम: Arun P.D.
खाता संख्या: 21360100162505
IFSC कोड: FDRL0002136
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बहरहाल इस मुहिम में तिरुवनंतपुरम की 7 वर्षीय पी. जिंसी ने दिल जीत लिया। उन्होंने इन तीनों बच्चों के सोशल मीडिया में तस्वीर देखकर अपना गुल्लक तोड़कर उसमें जमा पूरे 545 रुपए दान कर दिए। मासूमों को बचाने के इस अभियान में लोग बढ़- चढ़कर अपना योगदान दे रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार शुरुआती दो दिनों में ही 1.25 करोड़ रूपए इकट्ठा हो गया है।