बस्तर के पर्यटन उद्यमों को मिलेगी नई संभावनाएं
जगदलपुर, 5 अक्टूबर 2026। बस्तर क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने, स्थानीय पर्यटन उद्यमियों, होमस्टे संचालकों, गाइड, युवाओं एवं स्थानीय उत्पादों से जुड़े हितधारकों का सम्मेलन आयोजित किया गया। उन्हें नए बाजार अवसरों से जोड़ने तथा पर्यटन क्षेत्र में ब्रांडिंग, डिजिटल प्रमोशन, ऑनलाइन बुकिंग, कनेक्टिविटी एवं आतिथ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भारत सरकार की रैम्प (RAMP) योजना के अंतर्गत पहल की गई। छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CSIDC) के माध्यम से चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा टूरिज्म सेक्टर कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन 03 अक्टूबर 2026 को जगदलपुर में किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बस्तर के पर्यटन उद्यमियों, होमस्टे संचालकों, स्थानीय गाइड, युवाओं, हस्तशिल्प एवं जनजातीय कला से जुड़े उद्यमियों तथा अन्य हितधारकों को पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों, डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन बुकिंग, ब्रांडिंग, आतिथ्य सेवाओं, पर्यटन अवसंरचना, कनेक्टिविटी, सुरक्षा, स्थानीय कला एवं शिल्प के साथ पर्यटन के जुड़ाव तथा बस्तर के अनछुए एवं कम-ज्ञात पर्यटन स्थलों को व्यापक पहचान दिलाने के उपायों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में जिला पर्यटन अधिकारी रामनारायण तिवारी, कांगेर वैली के निदेशक गौतम नारायण, पर्यटन एवं डिजिटल मार्केटिंग क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ जीत सिंह आर्या, अमचो लड्डी होमस्टे के रजनिश, बस्तर ट्राइबल होम के शकील रिजवी, मिंज होमस्टे के संजय मिंज तथा सोशल मीडिया एवं पर्यटन प्रचार से जुड़े इन्फ्लुएंसर अस्तु नाग की उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने बस्तर की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत को पर्यटन के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने तथा स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पंजीयन एवं नेटवर्किंग सत्र के साथ हुआ। इसके पश्चात चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की रैम्प कार्यान्वयन टीम द्वारा प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए रैम्प योजना के उद्देश्यों एवं इसके अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर पर्यटन क्षेत्र में स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर विकसित करने तथा बस्तर के पर्यटन उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।
सोशल मीडिया एवं इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग
पर्यटन स्थलों की डिजिटल विजिबिलिटी बढ़ाने में सोशल मीडिया की भूमिका पर इन्फ्लुएंसर अस्तु नाग द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए। उन्होंने सोशल मीडिया कंटेंट, वीडियो, रील्स एवं डिजिटल स्टोरीटेलिंग के माध्यम से पर्यटन स्थलों को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने तथा युवा पर्यटकों को आकर्षित करने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
कॉन्क्लेव में उपस्थित पर्यटन उद्यमियों, होमस्टे संचालकों, गाइड, युवाओं, स्थानीय उत्पाद एवं हस्तशिल्प से जुड़े उद्यमियों तथा अन्य प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद करते हुए पर्यटन व्यवसाय की संभावनाओं, ऑनलाइन बुकिंग, ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग, कनेक्टिविटी, सुरक्षा, हॉस्पिटैलिटी, गाइड सेवाओं, स्थानीय हस्तशिल्प एवं “Unexplored Bastar” से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।