आज दीपावली, जानिए लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त, दीपावली पूजन का समय, शुभ चौघड़िया, पूजन विधि और ताजा अपडेट्स
Diwali 2026 Live: दिवाली 2026 के मौके पर आज देशभर में दीपों का त्योहार मनाया जा रहा है। शाम को घरों और मंदिरों में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा होगी। जानिए लक्ष्मी-गणेश पूजन का शुभ मुहूर्त, प्रदोष काल, शुभ चौघड़िया, पूजा की पूरी विधि, सामग्री, मंत्र और आरती..
दिल्ली, 8 नवम्बर 2026। आज 8 नवंबर को देशभर में दीपावली का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। दिवाली के मौके पर घरों में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। शाम को शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन के साथ दीप जलाए जाएंगे। इस बार कार्तिक अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। दिल्ली में लक्ष्मी-गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 54 मिनट से 7 बजकर 50 मिनट तक बताया गया है। दिवाली पर पूजा के साथ दीपदान, रंगोली और घर की सजावट का भी खास महत्व है। जानिए लक्ष्मी पूजन का सही समय, शुभ चौघड़िया, पूजा सामग्री, विधि, मंत्र, आरती और दीपक जलाने से जुड़े जरूरी नियम। साथ ही पढ़ें दीपावली से जुड़े देशभर के ताजा अपडेट्स।
दिवाली लक्ष्मी पूजन से पहले जरूर कर लें ये 7 काम, जानें पूजा की तैयारी कैसे करें
दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा करने से पहले कुछ खास तैयारियां की जाती हैं। मान्यता है कि साफ-सुथरे घर और पवित्र मन से की गई पूजा शुभ फल देती है। इसलिए लक्ष्मी पूजन के समय से पहले ही घर की सफाई, पूजा स्थल की सजावट और जरूरी सामग्री जुटा लेनी चाहिए। कई बार पूजा शुरू होने के बाद किसी सामान की कमी महसूस होती है, जिससे पूजा में परेशानी होती है। अगर आप भी आज दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का पूजन करने जा रहे हैं तो पहले ये काम जरूर कर लें।
1. घर और मुख्य दरवाजे की सफाई करें
लक्ष्मी पूजन से पहले घर के हर हिस्से की अच्छी तरह सफाई कर लें। खासतौर पर मुख्य दरवाजे, आंगन और पूजा स्थल को साफ रखें। धार्मिक मान्यता है कि मां लक्ष्मी स्वच्छता वाले स्थान पर निवास करती हैं।
2. पूजा स्थल को सजाकर तैयार करें
जिस जगह लक्ष्मी-गणेश की पूजा करनी है, वहां साफ चौकी रखें। चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। इसके बाद मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। पूजा स्थल को फूलों और दीपकों से सजा सकते हैं।
3. रंगोली और तोरण बनाएं
घर के मुख्य दरवाजे पर रंगोली बनाएं। दरवाजे पर आम के पत्तों या फूलों का तोरण लगा सकते हैं। कई घरों में मां लक्ष्मी के चरण चिह्न भी बनाए जाते हैं। इसे शुभ आगमन का प्रतीक माना जाता है।
4. पूजा की पूरी सामग्री एक जगह रख लें
पूजा शुरू करने से पहले रोली, अक्षत, हल्दी, चंदन, फूल, माला, धूप, अगरबत्ती, कपूर, घी, दीपक, रुई की बाती, फल, मिठाई, खील-बताशे और पंचामृत तैयार रखें। कलश, नारियल और आम के पत्ते भी रख लें।
5. पूजा के लिए भोग तैयार कर लें
मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को चढ़ाने के लिए फल, मिठाई और घर में बने पकवान तैयार रखें। भगवान गणेश को मोदक या लड्डू और मां लक्ष्मी को मिठाई तथा फल का भोग लगा सकते हैं।
6. खुद भी स्नान करके साफ कपड़े पहनें
पूजा से पहले स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। कई परिवारों में इस दिन नए कपड़े पहनने की परंपरा है। पूजा के समय मन शांत रखें और जल्दबाजी से बचें।
7. शुभ मुहूर्त से पहले सभी तैयारियां पूरी कर लें
लक्ष्मी पूजन का शुभ समय शुरू होने से पहले पूजा की सारी व्यवस्था कर लें। दीपक, धूप, फूल और भोग की सामग्री पास में रखें। शुभ मुहूर्त में सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करें और फिर मां लक्ष्मी की पूजा शुरू करें।
दिवाली पर शुभ चौघड़िया का समय, शाम 5:31 से रात 10:27 बजे तक कई शुभ मुहूर्त
Diwali 2026 Live : दिवाली पर पूजा और दूसरे शुभ कार्यों के लिए चौघड़िया मुहूर्त भी देखा जाता है। 8 नवंबर को दिल्ली में सुबह 11 बजकर 27 मिनट से दोपहर 12 बजकर 5 मिनट तक चर, लाभ और अमृत का समय बताया गया है। दोपहर में 1 बजकर 26 मिनट से 2 बजकर 48 मिनट तक शुभ चौघड़िया रहेगा। वहीं शाम को 5 बजकर 31 मिनट से रात 10 बजकर 27 मिनट तक शुभ, अमृत और चर के मुहूर्त रहेंगे। रात में 1 बजकर 43 मिनट से 3 बजकर 22 मिनट तक लाभ चौघड़िया रहेगा। ये समय दिल्ली के पंचांग के अनुसार हैं। स्थानीय समय में अंतर हो सकता है।
दिवाली पर लक्ष्मी पूजन का सबसे शुभ मुहूर्त, शाम 5:54 से 7:50 बजे तक करें पूजा
दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए शाम का समय विशेष माना गया है। 8 नवंबर 2026 को दिल्ली में लक्ष्मी पूजन का मुख्य शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 54 मिनट से रात 7 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इस दौरान भक्तों को मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। इस मुहूर्त की अवधि 1 घंटा 56 मिनट है। पंचांग के अनुसार यह समय प्रदोष काल और वृषभ काल के संयोग में पड़ रहा है।
घर पर कैसे करें मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की संपूर्ण पूजा, जानें सामग्री से लेकर आरती तक पूरी विधि
Diwali 2026 Live: दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि कार्तिक अमावस्या की रात शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। इस दिन लोग घरों की साफ-सफाई करते हैं, दीपक जलाते हैं और मां लक्ष्मी से परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करते हैं। अगर आप भी घर पर दिवाली की पूजा करने जा रहे हैं तो इसकी तैयारी पहले से कर लें। पूजा में सबसे पहले गणेश जी का स्मरण किया जाता है। इसके बाद मां लक्ष्मी की पूजा होती है। आइए जानते हैं दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन की पूरी विधि।
दिवाली पूजा की सामग्री
पूजा शुरू करने से पहले सभी जरूरी सामग्री एक जगह रख लें। इसके लिए मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर, लकड़ी की चौकी, लाल या पीला कपड़ा, कलश, जल, आम के पत्ते, नारियल, रोली, कुमकुम, हल्दी, अक्षत, चंदन, फूल, माला, दूर्वा, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, धूप, अगरबत्ती, कपूर, घी, दीपक, रुई की बाती, मिठाई, फल, खील-बताशे और पंचामृत रखें। पूजा के लिए सिक्के, चांदी या सोने के आभूषण और घर की बही-खाते की किताबें भी रख सकते हैं।
दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा की पूरी विधि
1. पूजा से पहले घर और पूजा स्थल की सफाई करें
दिवाली की पूजा से पहले घर की अच्छी तरह सफाई करें। पूजा स्थल को साफ करके वहां गंगाजल छिड़कें। चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। इसके बाद चौकी पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। ध्यान रखें कि दोनों प्रतिमाएं साफ और व्यवस्थित तरीके से रखी हों। पूजा स्थल पर दीपक और पूजा सामग्री भी
2. पूजा का संकल्प लें
पूजा शुरू करने से पहले हाथ में थोड़ा जल, अक्षत और फूल लेकर भगवान का स्मरण करें। मन में अपनी मनोकामना रखते हुए संकल्प लें कि आप परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए दिवाली का पूजन कर रहे हैं। इसके बाद हाथ का जल पूजा स्थल पर छोड़ दें।
3. सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें
हिंदू परंपरा में किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इसलिए सबसे पहले गणेश जी को प्रणाम करें। उन्हें जल, अक्षत, चंदन, दूर्वा और फूल अर्पित करें। इसके बाद धूप और दीप दिखाएं। गणेश जी को मोदक या लड्डू का भोग लगाएं। पूजा के दौरान 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप कर सकते हैं।
4. कलश स्थापना और पूजन करें
पूजा स्थल पर जल से भरा कलश रखें। कलश पर रोली से स्वास्तिक बनाएं। उसके मुख पर आम के पत्ते रखें और ऊपर नारियल स्थापित करें। कलश को पूजा का पवित्र प्रतीक माना जाता है। इसके बाद कलश को प्रणाम करके परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें। अलग-अलग परंपराओं में कलश स्थापना की विधि में थोड़ा अंतर हो सकता है।
5. मां लक्ष्मी का पूजन करें
अब मां लक्ष्मी का ध्यान करते हुए उन्हें प्रणाम करें। उनकी प्रतिमा के सामने जल अर्पित करें। इसके बाद रोली, चंदन, अक्षत, फूल और माला चढ़ाएं। मां लक्ष्मी को कमल का फूल प्रिय माना जाता है। पूजा में उपलब्ध हो तो कमल का फूल अर्पित कर सकते हैं। इसके बाद धूप और दीप दिखाएं। मां लक्ष्मी से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना करें।
6. धन और बही-खाते की पूजा करें
दिवाली पर कई परिवारों में धन, तिजोरी, आभूषण और बही-खातों की पूजा भी की जाती है। इसके लिए इन चीजों को पूजा स्थल के पास रखें। उन पर हल्दी, रोली और अक्षत लगाएं। फूल चढ़ाकर मां लक्ष्मी का स्मरण करें। व्यापारी वर्ग इस दिन नए बही-खाते की शुरुआत भी करता है। मान्यता है कि इससे कारोबार में शुभता और उन्नति आती है।
7. खीर-बताशे और मिठाई का भोग लगाएं
मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को फल, मिठाई, खीर-बताशे और अन्य प्रसाद अर्पित करें। भगवान गणेश को मोदक या लड्डू और मां लक्ष्मी को मिठाई तथा फल का भोग लगाया जा सकता है। भोग लगाते समय भगवान का ध्यान करें। इसके बाद परिवार के सभी सदस्य प्रसाद ग्रहण करें।
8. मंत्र जाप और लक्ष्मी-गणेश की आरती करें
पूजा के बाद मां लक्ष्मी और भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करें। मां लक्ष्मी के लिए 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' और भगवान गणेश के लिए 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप कर सकते हैं। इसके बाद घी के दीपक या कपूर से पहले भगवान गणेश और फिर मां लक्ष्मी की आरती करें। परिवार के सभी सदस्य आरती में शामिल हों। आरती के बाद भगवान को प्रणाम करें और प्रसाद बांटें।